-पुस्तक विवेकचूडामणि
-लेखक भगवान् श्री शंकराचार्य
-प्रकाशक चौखम्वा सुरभारती प्रकासन
-पृष्ठसंख्या 548
-मूल्य 250/-
भगवान् शंकराचार्य के द्वारा विरचित ग्रन्थों में विवेक-चूड़ामणि का विशेष
स्थान है। इसमें ब्रह्मनिष्ठा का महत्त्व, ज्ञानोपलब्धि का उपाय,
प्रश्न-निरूपण, आत्मज्ञान का महत्त्व, पञ्चप्राण, आत्म-निरूपण, मुक्ति कैसे
होगी? आत्मज्ञान का फल आदि तत्त्वज्ञान के विभिन्न विषयों का अत्यन्त
सुन्दर निरूपण किया गया है।